छंद सिसकता रहा तो काव्य का इतिहास जी जाएगा प्रणय तड़पता रहा तो प्रणय का विश्वास जी जाएगा पल्लव अगर गिरता रहा,इक दिन मधुमास बनकर रह जाएगा पर विश्वास ही मरता रहा तो इंसान ही मर जाएगा
लोग कहते हैं ...... एक पुरानी सी डायरी में .. एक मिटता सा नाम है . लोग कहते हैं वो तुम हो एक अँधेरी सी गली में .. एक गूंजता सा नाम है ... लोग कहते हैं वो तुम हो एक पागल से लड़के के हाथो में एक धुंधली सी रेखा है …….. लोग कहते हैं वो तुम हो एक बच्ची सी लड़की के पीछे एक मरुरे सी माया है …… लोग कहते हैं वो तुम हो हमारे क्लास की कबर्ड में . एक पुराना सा कार्ड है ………. लोग कहते हैं वो तुम हो मेरी डेस्क पर एक तराशा सा नाम है . लोग कहते हैं वो तुम हो …… मेरी पुरानी किताबों में रखा …. एक सूखा सा गुलाब है………… लोग कहते हैं वो तुम हो … मेरी छोटी-छ...
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