Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 28, 2012 उसकी ख्वाइश है की आंगन में उतरे सूरज। भूल बैठा के खुद मोम का घर रखता है।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 27, 2012 उमर इतनी तो अता कर मेरे फन का मालिक। मेरे दुश्मन मेरे मरने की खबर को तरसे।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 23, 2012 तू है सूरज तुझे रात का कहा मालूम । तू किसी रोज़ उतर मेरी घर में शाम ढल जाने के बाद।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 23, 2012 ग़ैरों से एहतियात के आलम का ज़िक्र किया । खुद बचकर अपने-आप से चलता रहा हूँ मै।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 22, 2012 वो बचपने की नींद तो अब खवाब हो गई। क्या उम्र थी की रात हुई और सो गए ।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 19, 2012 कोई तुम तक पहुच नहीं पाता। इतना आसान है पता तुम्हारा।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 19, 2012 गर न हो सूरत तो सीरत ही सही । कुछ तो होना चाहिए इन्सान में ।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 18, 2012 सच की लड़ाई आसन भले ही न हो। सच की लड़ाई में जीत आपकी भले ही ना हो ।। ल्व्किन सच कभी हारता नहीं और, मन बोझिल भी नही करता ।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 07, 2012 इश्क से पूछ हुस्न का रुतबा। हुस्न परवरदिगार होता है।। Read more
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 02, 2012 सिसकता दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हंसकर। यही तो फन है जो आया है बहुत कुछ खो जाने के बाद।। Read more